बीकानेर से ९० किलोमीटर दुरी पर एक कालू गाँव है जहाँ पर एक माँ कलिका का मन्दिर है ! गाँव का नाम माता के नाम पर ही रख गया है ! यह बहुत बड़ा मन्दिर है ! मन्दिर के RIGHT SIDE में एक उच्च माध्यमिक विधालय है ! जो (TATA COLLAGE) के नाम से परचलित है !मन्दिर के LEFT SIDE में एक विशाल भवन बन रहा है ! मन्दिर के पीछे एक विशाल भवन और बन रहा है जन्हा पर एक निजी स्कूल (आदर्श विद्या मन्दिर ) स्थापित की जाएगी ! मन्दिर के पीछे पंचायत भवन और फाटक (जहा पर लावारिश गाय राखी जाती है ) नवरात्र में 9 दिन मेला लगता है ! लाखो जातरी दर्शन के लिए आते है ! मन्दिर के सामने एक आखडा है ! जिसमे गणगोर के उत्सव पर प्रोग्राम रखा जाता है! यहा पर गीतों का गजरा , मेहंदी रंगोली पतिस्पर्दा , ऊँठ दोड़, ऊँठ डांस , घोड़ी डांस आदि प्रोग्राम होते है ! गीता को गजरो प्रोग्राम में बड़े बड़े कलाकार बहार से आते है! मेहंदी रंगोली पतिस्पर्दा में गाँव की लडकिया आती है ! ऊँठ दोड़, ऊँठ डांस , घोड़ी डांस में गाँव के आस पास के गाँव के ऊँठ, घोड़ी आते है ! ऊँठ दोड़, ऊँठ डांस , घोड़ी डांस ये प्रोग्राम माताजी मन्दिर के बाजु में एक ताल है उसमे होते है!
कालू गाँव एक एसा गाँव है जहा पर गाँव के चारो ओर ताल ही ताल है
कालू के विशेष स्थान
- उदानिया ताल
- बिजर्निया ताल
- सुर्जाना ताल
- नेह्राना ताल
- गन्दी तलाई
- हनुमान धोरा
- जगेरी
- पकोड़ा जोह्ड़ा
- मुनथओ जी का होटल
- रामा मण्डी
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